burning ivory Carl De Souz/Getty Images

हाथीदाँत को जलाने के पक्ष में

जोहान्सबर्ग - केन्या हाथीदाँत के अपने पूरे ज़खीरों को नष्ट करने जा रहा है। अवैध रूप से एकत्र किया गया (शिकारियों या व्यापारियों से ज़ब्त किया गया) और प्राकृतिक रूप से (प्राकृतिक मृत्यु से) प्राप्त होनेवाला, दोनों ही प्रकार का 100 मीट्रिक टन से अधिक का “व्हाइट गोल्ड” इस सप्ताह के अंत में धुएँ में विलीन हो जाएगा। चीन में – जहाँ दुनिया के हाथीदाँत की सबसे अधिक मात्रा में खपत होती है या उसके ज़खीरे हैं – हाल ही में बताई गई कीमत $1,100 प्रति किलोग्राम है, जिससे जलाई जानेवाली सामग्री का कुल मूल्य मोटे तौर पर $110 मिलियन बैठता है।

अधिकतर अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इतने अधिक मूल्य वाली किसी चीज़ को नष्ट करने का विचार अभिशाप है। लेकिन केन्या जैसे किसी भी गरीब देश के लिए अपने हाथीदाँत की दौलत को आग की लपटों के हवाले करने के लिए ठोस कारण हैं।

आरंभकर्ताओं के लिए, ज़खीरों को नष्ट करने के फलस्वरूप पूर्व एशिया में माँग में कमी के अभियानों की विश्वसनीयता को बल मिलता है, जिसके बिना अवैध शिकार की समस्या को कभी भी हल नहीं किया जा सकेगा। माँग में कमी करने का उद्देश्य उपभोक्ता की रुचियों को बदल कर इस उत्पाद के लिए बाजार को कमजोर करना है। जब कीमतों में कमी होगी, तो शिकारियों के लिए हाथियों को मारने के लिए प्रोत्साहन कम होगा।

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