18

जेफ़री सैश का महत्व क्यों है

सिएटल– बोनो अर्थशास्त्री के अनुसार ज़ेफ़रीसैश एक ऐसा "चरमरातापहिया है जो बहुतशोर करता है।" मेरेलिए सैश अर्थशास्त्र केबोनो हैं - ऐसा व्यक्तिजिसके पास प्रभावशाली मेधा,जुनून, और प्रतिपादन कीशक्तियाँ हैं और जोअपनी प्रतिभाओं का उपयोग धरतीके सबसे ग़रीब लोगोंके लिए आवाज़ उठानेके लिए कर रहाहै। इसलिए मुझे इसबात से आश्चर्य नहींहुआ कि किसी पत्रकारको सैश किसी पुस्तकके लिए दमदार मुख्यपात्र लगा - और पाठकोंको अंतर्राष्ट्रीय विकास के संभावितशुष्क विषय की ओरआकर्षित करने का अच्छातरीका लगा।

द आइडियलिस्ट, वैनिटी फ़ेयर मेंलेखिका नीना मुंक नेसैश और उसकी मिलेनियमग्राम परियोजना (MVP) - जो 120 मिलियन डॉलरकी प्रदर्शन परियोजना है - का सूक्ष्मचित्र खींचा है जिसकाउद्देश्य दुनिया को यहदिखाना है कि भारीमात्रा में लक्षित सहायताके ज़रिए अफ़्रीकी गाँवोंको ग़रीबी से बाहरनिकालना संभव है। मुंकके लिए सैश कीशानदार विशेषताओं की क़ीमत पर,उसके नकारात्मक गुणों पर अत्यधिकबल देकर उसका कैरीकैचरबनाना आसान, और शायदबिक्री की दृष्टि सेज़्यादा लाभदायक होता। लेकिन उन्होंनेऐसा नहीं किया।

मुंक ने पुस्तक केलिए शोध करने, सैशको अच्छी तरह सेजानने, और 15 मिलेनियम गाँवोंमें से दो मेंलंबी अवधि तक रहनेमें छह साल लगाए।सैश और उनकी टीमजो कुछ करने कीकोशिश कर रहे हैंउसके महत्व और मुश्किलकी वे स्पष्ट रूपसे सराहना करती हैं।

अंतर्राष्ट्रीयविकास के बारे मेंज़्यादातर पुस्तकों के विपरीत, मुंककी पुस्तक बहुत पठनीयहै और लंबी नहीं(260 पृष्ठ की) है। मैंनेअपनी फ़ाउंडेशन में सबको बतायाहै कि मेरे विचारसे इसे पढ़ने केलिए समय निकालना लाभदायकहोगा। यह मूल्यवान - और,बीच-बीच में, हृदयविदारक - सचेत करने वालीकहानी है। जबकि कुछमिलेनियम गाँव परिवारों कोउनके स्वास्थ्य और उनकी आयमें सुधार में मददकरने में सफल ��हे,लेकिन जिन दो गाँवों- डेर्टु, केन्या और रुहीरा,युगांडा - में मुंक नेअध्ययन करने में सबसेज़्यादा समय बिताया – उनमेंसैश की कल्पना पूरीतरह साकार नहीं होसकी।