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चीनी विशेषताओं वाला विकास वित्त?

जेनेवा – एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बैंक (एआईआईबी) की संस्थापक सदस्यता में बाद में हड़बड़ी में और अधिक सदस्यों को सम्मिलित करने के बाद, अब चीन के नेतृत्व वाले एआईआईबी के नियम और विनियम निर्धारित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन इसके बारे में महत्वपूर्ण सवाल अभी भी बाकी हैं - सबसे महत्वपूर्ण तो यह है कि क्या एआईआईबी विश्व बैंक जैसी मौजूदा बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं की संभावित प्रतिद्वंद्वी संस्था है या यह एक स्वागतयोग्य पूरक संस्था है।

चीन और 20 अधिकतर एशियाई देशों द्वारा पिछले अक्तूबर में एआईआईबी के प्रारंभिक सहमति के ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद, 36 अन्य देश - ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, मिस्र, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, ईरान, इज़राइल, इटली, नार्वे, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्वीडन, स्विट्ज़रलैंड, तुर्की, और यूनाइटेड किंगडम सहित - संस्थापक सदस्यों के रूप में शामिल हो गए हैं।

चीन के वित्त मंत्रालय के अनुसार, एआईआईबी के संस्थापक सदस्यों को जुलाई से पहले समझौते के नियमों को पूरा करना है क्योंकि इसके प्रचालन वर्ष के अंत तक शुरू हो जाने हैं। चीन वार्ताकारों की बैठकों के स्थायी अध्यक्ष के रूप में कार्य करेगा, जिनकी सह-अध्यक्षता वार्ताओं की मेज़बानी करनेवाला सदस्य देश करेगा। प्रमुख वार्ताकारों की चौथी बैठक अप्रैल के अंत में बीजिंग में संपन्न हुई थी, और पाँचवीं बैठक सिंगापुर में मई के अंत में होगी। चीनी अर्थशास्त्री जिन लिकुन को एआईआईबी के बहुपक्षीय अंतरिम सचिवालय का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है, वे बैंक की स्थापना की देखरेख का कार्य करेंगे।

हालाँकि, संस्थापक सदस्यों के बीच शेयर आवंटन के लिए सकल घरेलू उत्पाद बुनियादी कसौटी होगा, वित्त मंत्रालय ने अक्तूबर में यह सुझाव दिया था कि चीन के सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार उसकी जो 50% हिस्सेदारी बनती है उसकी उसे वास्तव में आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, हालाँकि एआईआईबी बीजिंग में आधारित होगा, मंत्रालय ने कहा है कि इसके क्षेत्रीय कार्यालयों और वरिष्ठ प्रबंधन की नियुक्तियों को आगे परामर्श और बातचीत करके तय किया जाएगा।