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अफ़्रीका के भविष्य के खेत

हरारे - व्यवसाय शुरू करना मुश्किल काम हो सकता है, ख़ास तौर से अफ़्रीका में, जहाँ कमज़ोर शासन प्रणालियाँ और महत्वपूर्ण संसाधनों तक अपर्याप्त पहुँच सफलता में बाधा बन सकती है। अफ़्रीका के किसानों के लिए, चुनौतियाँ विशेष रूप से स्पष्ट हैं। गतिशील और आधुनिक कृषि क्षेत्र के व्यापक आर्थिक और सामाजिक लाभों को देखते हुए, किसानों को ऐसे प्रोत्साहन, निवेश, और विनियम उपलब्ध करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए जिनकी उन्हें सफल होने के लिए ज़रूरत है।

अफ़्रीका के दूरसंचार क्षेत्र में हाल में आई तेज़ी - जिसने न केवल लोगों की जीवन-शैलियों में बल्कि सभी उद्योगों ���ें क्रांति ला दी है - से यह पता चलता है कि इस तरह का दृष्टिकोण कितना असरदार हो सकता है। आज इस महाद्वीप पर आधे अरब से ज़्यादा मोबाइल कनेक्शन हैं; वास्तव में, कई मामलों में, अफ़्रीका मोबाइल विकास और नवाचार में दुनिया में अग्रणी है।

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अफ़्रीका इस विकास को कृषि क्षेत्र में लागू करने में असमर्थ क्यों रहा है? भरपूर फसलों के बावजूद, अफ़्रीका का वार्षिक खाद्य आयात बिल $35 अरब क्यों है? अफ़्रीका प्रगति पैनल की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट, अनाज, मछली, पैसा - अफ़्रीका की हरित और नीली क्रांतियों का वित्त-पोषण (Grain, Fish, Money – Financing Africa’s Green and Blue Revolutions), के अनुसार समस्या बिल्कुल साफ है: अफ़्रीका के किसानों के सामने बाधाओं का अंबार लगा है।

यह ख़ास तौर से छोटे किसानों के मामले में सच है, जिनमें से अधिकांश महिलाएँ हैं। लगभग एक या दो फ़ुटबॉल मैदानों के आकार के भूखंडों पर खेती करनेवाले इन किसानों के पास आम तौर से विश्वसनीय सिंचाई प्रणालियों और गुणवत्ता वाली निविष्टियों की कमी होती है, जैसे बीज और मिट्टी के अनुपूरक। इसके अलावा, वे शायद ही कभी इतना कमा पाते हैं कि ज़रूरत की मशीनरी में निवेश कर सकें, और वे ऋण तक पहुँच प्राप्त नहीं कर पाते।

और मानो इतना ही काफ़ी न हो, इन किसानों को अधिकाधिक रूप से अस्थिर जलवायु स्थितियों का सामना करना पड़ता है जिससे उनकी फसलें ख़राब हो जाने की संभावना बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, इक्कीसवीं सदी में मक्का की पैदावार में एक-चौथाई तक गिरावट आना निश्चित है। और, जब फसलें तैयार हो जाती हैं तो किसानों को उन्हें बाज़ार तक ले जाने में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ता है - जिनमें अपर्याप्त ग्रामीण सड़क प्रणालियाँ और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की कमी शामिल हैं।

इन जोखिमों के बावजूद, जो टेलीकॉम उद्योग द्वारा सामना किए गए जोखिमों के मुकाबले बहुत कम हैं, अफ़्रीका के छोटे किसान अपने से बड़े किसानों की तुलना में उनके बराबर ही कुशल बने रहते हैं - जो उनकी दृढ़ता और लचीलेपन का प्रमाण है। फिर भी, किसानों का समर्थन करने के बजाय, अफ़्रीकी सरकारों ने उनके विकास में और अधिक बाधाएँ खड़ी कर दी हैं, जिनमें अत्यधिक कराधान, अपर्याप्त निवेश और निरोधक नीतियाँ शामिल हैं।

अफ़्रीका के किसानों को उन्हें सक्षम बनाने वाले परिवेश की ज़रूरत है जो उन्हें उनके सामने आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकने में सक्षम बना सके। ऐसी स्थिति में, महाद्वीप के कृषि क्षेत्र में वैसी वैसी जबर्दस्त क्रांति आ सकती है जैसी संचार उद्योग में आई थी।

अच्छी ख़बर यह है कि निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्र इस बदलाव को लाने के लिए तैयार लग रहे हैं – जो खाद्य की अत्यधिक माँग, ख़ास तौर से अफ़्रीका के तेजी से बढ़ते शहरों में, और बढ़ती वैश्विक खाद्य क़ीमतों से प्रेरित हैं। निजी फ़र्मों ने अफ़्रीका के कृषि क्षेत्र में निवेश करना शुरू कर दिया है, जिसमें ग्रो अफ़्रीका (जिसका मैं सह-अध्यक्ष हूँ) जैसी पहलों के फलस्वरूप किए गए निवेश शामिल हैं जो कृषि विकास के लिए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय सरकारों और सौ से अधिक स्थानीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के बीच सहयोग में मदद करती है। पिछले दो वर्षों से, इन फ़र्मों ने कृषि निवेश में $7.2 अरब से अधिक की वचनबद्धता की है।

अफ़्रीकी सरकारों और विकास साझेदारों ने अपनी ओर से, अपनी आर्थिक विकास कार्यसूची में कृषि द्वारा जिस केंद्रीय भूमिका का निर्वाह किया जा सकता है, उसे पहचानकर, कृषि में सार्वजनिक निवेश में तीन-दशक से चली आ रही गिरावट की स्थिति को पलटना शुरू कर दिया है। वास्तव में, किसी अन्य क्षेत्र की तुलना में कृषि क्षेत्र में ग़रीबी को दुगुनी गति से कम करने की क्षमता है।

महाद्वीप के कई भागों में इस तरह के प्रयासों का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देने लगा है। घाना से रवांडा तक, कृषि निवेश के उच्च स्तरों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावशाली आर्थिक विकास होने लग गया है, जिससे रोज़गार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है और ग़रीबी और भूख में कमी हो रही है।

लेकिन इन लाभों में अस्थिरता बनी हुई है। उन्हें स्थायी बनाने के लिए अफ़्रीकी सरकारों को अफ़्रीकी संघ के कृषि और खाद्य सुरक्षा पर मापुटो घोषणा के प्रति पुनः प्रतिबद्ध होना होगा, जिसमें उनके बजट के कम-से-कम 10% को कृषि निवेश में लगाने की वचनबद्धता शामिल है। और, उन्हें किसानों को बुनियादी सुविधाएँ, ऊर्जा आपूर्ति, और आवश्यक सहायक नीतियाँ उपलब्ध करानी होंगी जिनकी उन्हें अपने उत्पाद बाज़ार में ले जाने के लिए ज़रूरत होती है।

संचार क्षेत्र को भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। किसानों को बहुमूल्य जानकारी प्रदान करके मोबाइल प्रौद्योगिकी ने पहले ही अफ़्रीका के कृषि उद्योग को बदलना शुरू कर दिया है, जैसे बाज़ार की क़ीमतें, ई-वाउचरों के माध्यम से निविष्टि संबंधी सहायता, और यहाँ तक कि ऋण तक पहुँच। इन अभिनव सेवाओं में से अनेक सेवाएँ अमेरिकी या यूरोपीय किसानों की तुलना में अफ़्रीका के छोटे किसानों के लिए ज़्यादा सुलभ हैं।

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अंत में, कृषि विकास को आगे बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र के संचालकों, कृषक संगठनों और नागरिक- समाज के समूहों का सहयोग करना ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, अफ़्रीका में हरित क्रांति के लिए एलायंस (Alliance for a Green Revolution in Africa), समूचे महाद्वीप में लाखों छोटे किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीजों की आपूर्ति करती है जिनमें से अनेक सूखा-प्रतिरोधी होते हैं।

अफ़्रीकी संघ ने 2014 को अफ़्रीका में कृषि और खाद्य सुरक्षा का वर्ष घोषित किया है। नीति, निवेश, और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई के साथ, अफ़्रीका के किसान पाँच वर्षों के भीतर अपनी उत्पादकता दुगुनी कर सकते हैं। अब कृषि क्षेत्र को वह सुअवसर देने का समय आ गया है जिसकी साझा समृद्धि के युग में जाने के लिए सभीअफ़्रीकियों को ज़रूरत है।