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किफायती आवास में नई उपलब्धियाँ

शंघाई - अच्छे, किफायती आवास उपलब्ध कराना विकासशील और विकसित अर्थव्यवस्थाओं दोनों में ही बहुत भारी चुनौती है। मांग आपूर्ति से बहुत अधिक होने के कारण गतिशीलता, उत्पादकता, और विकास पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव अधिकाधिक स्पष्ट हो रहे हैं (या हो जाएँगे)। सौभाग्य से, नगर निगम के स्तर पर ज्यादातर बाजार आधारित दृष्टिकोणों का उपयोग करके किफायती आवास की खाई को कम करने के कई तरीके हैं।

दुनिया भर में, 330 मिलियन निम्न और मध्यम आय वाले शहरी परिवार निम्नस्तरीय आवासों में रहते हैं या वे आवास के भुगतानों के कारण आर्थिक रूप से इतने अधिक तंगहाल होते हैं कि स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा जैसी अनिवार्य मदों पर खर्च नहीं कर पाना उनकी मजबूरी होती है। 2025 तक यह आँकड़ा 440 मिलियन परिवारों, या लगभग 1.6 मिलियन लोगों (विश्व की शहरी आबादी के एक तिहाई) तक पहुँच सकता है - और इसमें दुनिया के कुछ ऐसे सबसे गरीब लोग शामिल नहीं हैं जो अक्सर नगरों के बाहर, शहरी सड़कों पर रहते हैं, या खानाबदोशों की तरह रहते हैं, और इन्हें जनगणना के अनुमानों में हिसाब में नहीं लिया जाता है।

आज के निम्नस्तरीय आवासों की जगह नए आवास बनाने और 2025 तक आवश्यक अतिरिक्त इकाइयों के निर्माण के लिए एक अनुमान के अनुसार $ 16 ट्रिलियन के निवेश की आवश्यकता होगी – और कुछ नहीं तो यह एक चुनौतीपूर्ण आँकड़ा तो अवश्य है। लेकिन चार प्रमुख "उत्तोलक" उपलब्ध हैं जो अधिकतर नगरों में मध्यम आय का 50-80% कमानेवाले परिवारों के लिए आवास उपलब्ध करने की लागत को 20-50% तक कम कर सकते हैं और इस प्रकार आवास को किफायती बना सकते हैं (इसकी राशि कुल आय के 30% से अधिक नहीं होगी)।

पहला उत्तोलक भूमि का अधिक कुशल उपयोग करना है। विकास के लिए भूमि का अधिग्रहण सही स्थान में और उचित मूल्य पर करने से आवास की लागतों को कम करने की सबसे अधिक संभावना होती है।