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बुनियादी सुविधा समाधान

टोरंटो - पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री मेडेलीन अलब्राइट ने फ़रवर�� 2013 में कहा था कि, "बुनियादी सुविधाएँ, शब्द की प्रकृति के अनुरूप समाजों के कामकाज के लिए बुनियादी ज़रूरत है।" और फिर भी बुनियादी सुविधाएँ यकीनन इक्कीसवीं सदी का भूला हुआ आर्थिक मुद्दा रहा है। दरअसल, बुनियादी सुविधाओं में सही निवेश करने में विफलता से कई देशों के आर्थिक विकास और रोज़गार को बढ़ावा देने की संभावना बाधित हुई है।

हालाँकि बुनियादी सुविधाओं पर बहस में अधिक धन और अधिक रचनात्मक वित्तपोषण की ज़रूरत पर ध्यान केंद्रित करने की प्रवृत्ति होती है, लेकिन वास्तविक समस्या अपर्याप्त निवेश नहीं है। बल्कि, बुनियादी सुविधाओं की योजना, वित्त, वितरण, और प्रचालन पर खंडित दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप निर्माण परिवेश बिगड़ता जा रहा है, जिसमें लागत, परिसंपत्ति वर्ग, और भौगोलिक स्थिति पर बल दिया जाता है।

व्यापक, प्रणालीगत परिदृश्य पर आधारित - नए दृष्टिकोण का विकास करना उन लोगों की सर्वोच्च प्राथमिकता बन जानी चाहिए जिनके पास बदलाव पेश करने की क्षमता है, इनमें सीईओ और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं। बुनियादी सुविधाओं के हर पहलू की उत्पादकता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लक्ष्य के लिए व्यावहारिक वैश्विक समाधान को बढ़ावा देकर,मैककिन्सेज़ ग्लोबल इंफ़्रास्ट्रक्चर पहल का लक्ष्य ठीक यही करना है जिसकी दूसरी बैठक पिछले महीने रियो डी जनेरियो में आयोजित की गई थी।

इस तरह के समाधानों के बिना, बस जीडीपी की बढ़ोतरी के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए, 2013-2030 में बुनियादी सुविधाओं पर अनुमानित रूप से $57 खरब के निवेश की ज़रूरत होगी। यह बुनियादी सुविधाओं के समूचे मौजूदा स्टॉक के मूल्य से अधिक है।

अधिक उत्पादक बुनियादी सुविधाएँ दुनिया के बुनियादी सुविधाओं पर होनेवाले व्यय को 40%, या $1 खरब सालाना तक कम कर सकती हैं - यह ऐसी बचत है जिससे 2030 तक, आर्थिक विकास में 3%, या $3 खरब से अधिक की वृद्धि हो सकती है। इससे जीडीपी में 1% जितनी वृद्धि के साथ, बुनियादी सुविधाओं में उच्च निवेश की सुविधा मिलेगी जिससे भारत में अतिरिक्त 3.4 मिलियन, संयुक्त राज्य अमेरिका में 1.5 मिलियन, ब्राज़िल में 1.3 मिलियन, और इंडोनेशिया में 700,000 रोज़गार पैदा किए जा सकेंगे।

बुनियादी सुविधाओं की उत्पादकता बढ़ाने की शुरुआत योजना बनाने के चरण में शुरू होती है। निवेश के लिए बुनियादी सुविधा परियोजनाएँ चुनने के लिए अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने से - जिसमें सटीक मापदंड के आधार पर लागत और लाभ का व्यवस्थित मूल्यांकन शामिल है, जिसमें व्यापक आर्थिक और सामाजिक उद्देश्य शामिल होते हैं - दुनिया के लिए हर साल $200 अरब की बचत हो सकती है।

कुछ देश पहले ही इस तरह के दृष्टिकोण का लाभ उठा रहे हैं। दक्षिण कोरिया के सार्वजनिक और निजी बुनियादी सुविधा निवेश प्रबंधन केंद्र ने बुनियादी सुविधाओं के ख़र्च को 35% तक कम कर दिया है; आज, अधिकारी समीक्षा किए जाने वाली प्रस्तावित परियोजनाओं में से 46% को अस्वीकार कर देते हैं, इसकी तुलना में पहले यह 3% ही था।

इसी तरह, यूनाइटेड किंगडम ने लागत समीक्षा कार्यक्रम की स्थापना की जिसमें प्राथमिकता देने के लिए 40 बड़ी परियोजनाओं की पहचान की गई, समग्र योजना प्रक्रियाओं में सुधार किया गया, और फिर परियोजनाओं की तेज़ी से सुपुर्दगी सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट उप समिति बनाई गई, और इस तरह बुनियादी सुविधाओं के ख़र्च में 15% कटौती की गई। और चिली की राष्ट्रीय सार्वजनिक निवेश प्रणाली मानक रूपों, प्रक्रियाओं, और मैट्रिक्स का उपयोग करके सभी प्रस्तावित सार्वजनिक परियोजनाओं का मूल्यांकन करती है - और 35% तक को अस्वीकार कर देती है।

बचत के लिए अतिरिक्त अवसर - जो सालाना $400 अरब तक हो सकते हैं - बुनियादी सुविधा परियोजनाओं के अधिक सुव्यवस्थित वितरण पर निर्भर करते हैं। स्वीकृतियों और भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने, अनुबंधों को नवाचार और बचतों को प्रोत्साहित करने के लिए संरचित करने, और ठेकेदारों के साथ सहयोग को बेहतर बनाने की संभावनाएँ बहुत अधिक हैं।

ऑस्ट्रेलिया में, न्यू साउथ वेल्स राज्य सिर्फ़ एक साल में स्वीकृति के समय में 11% तक की कटौती करता है। और एक स्कैंडिनेवियाई सड़क प्राधिकरण ने डिज़ाइन मानकों को अद्यतित करके, विरल निर्माण तकनीकें अपनाकर, और समाविष्ट और अंतर्राष्ट्रीय सोर्सिंग का लाभ उठाकर समग्र ख़र्च में 15% तक की कमी की है।

बचत करने के अवसर केवल नई क्षमता तक सीमित नहीं हैं। सरकारें केवल मौजूदा बुनियादी सुविधाओं की दक्षता और उत्पादकता में बढ़ोतरी करके सालाना $400 अरब बचा सकती हैं। उदाहरण के लिए, यूएस में स्मार्ट ग्रिड, महँगी बिजली की कटौतियों को कम करके, विद्युत की बुनियादी सुविधाओं की लागतों में सालाना $2-6 अरब की कमी कर सकते हैं।

इसी तरह, सड़कों के लिए विवेकशील परिवहन प्रणालियों से परिसंपत्ति का उपयोग दोगुना या तिगुना हो सकता है - जो सामान्य रूप से भौतिक क्षमता में बहुत कम समान लागत का अंश जोड़ने से संभव होता है। M42 मोटरमार्ग पर यूके की विवेकशील परिवहन प्रणाली ने यात्रा समय में 25%, दुर्घटनाओं में 50%, प्रदूषण में 10%, और ईंधन की खपत में 4% की कमी की है।

भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए लिया जानेवाला शुल्क नई क्षमता की आवश्यकता को भी कम कर सकता है, और इससे ईंधन की लागतों और समय के मामले में भारी बचतें होती हैं। ऐसे शुल्क से लंदन शहर में भीड़भाड़ में 30% की कटौती की जा सकी है।

इनमें से कोई भी समाधान ख़ास तौर से ज़मीन-आसमान एक करने की माँग नहीं करता। इसके लिए बस सरकार के भीतर कम खंडित दृष्टिकोण, और सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता होती है।

यह लक्ष्य अमीर और ग़रीब दोनों प्रकार के देशों में समान रूप से हासिल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, स्विट्ज़रलैंड का पर्यावरण, परिवहन, ऊर्जा, और संचार विभाग संघीय परिषद द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय लक्ष्यों को ऐसी एकीकृत बुनियादी रणनीति में शामिल करता है, जिसमें विशिष्ट क्षेत्रों की ज़रूरतों को ध्यान में रखा जाता है। इसी तरह, रवांडा का बुनियादी सुविधा मंत्रालय अन्य मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों की गतिविधियों का समन्वयन करता है और स्रोतेतर वितरण और संचालनों की निगरानी करता है - और सुनिश्चित करता है कि बुनियादी सुविधा रणनीतियाँ पूर्वी अफ़्रीकी समुदाय की क्षेत्रीय एकीकरण की योजनाओं के अनुरूप हों।

सरकारों को समझना चाहिए कि निजी क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के वित्तपोषण से कहीं अधिक प्रदान कर सकता है; यह योजना बनाने, निर्माण और संचालन के चरणों में तकनीकी जानकारी भी पेश क�� सकता हैं। चिली, फिलीपींस, दक्षिण अफ़्रीका, दक्षिण कोरिया और ताइवान ये सभी देश ऐसी सुविधाएँ विकसित कर रहे हैं जिनसे आयोजना संबंधी परियोजनाओं में निजी कंपनियों की भूमिका का विस्तार होता है।

बुनियादी सुविधाएँ अर्थव्यवस्थाओं की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाती हैं, और साथ ही लोगों के जीवन के लिए भौतिक ढाँचा-संरचना पेश करती हैं। नीति निर्माताओं का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि बुनियादी सुविधाएँ अपनी पूरी क्षमता हासिल करें, ताकि जो लोग इन पर निर्भर करते हैं वे अपनी क्षमताएँ साकार कर सकें।