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हांगकांग में अगला कदम

लंदन – यह कहना पूरी तरह से सच नहीं है कि पूरी दुनिया की नज़रें हांगकांग पर लगी हुई हैं। परंतु, यह तब हो सकता है जब मुख्यभूमि चीन के लोगों को यह जानने दिया जाए कि उनके देश के सर्वाधिक सफल शहर में क्या हो रहा है। लेकिन चीन की सरकार ने हांगकांग लोकतंत्र के प्रदर्शनों के बारे में किसी भी खबर को देश के बाकी हिस्सों में पहुँचने से रोकने की कोशिश की है – यह वास्तव में चीन के शासकों की सत्तावादी शासन प्रणाली में चीनी शासकों के आत्मविश्वास का संकेत नहीं है।

हांगकांग के फूहड़ प्राधिकारियों के लिए आगे के किसी रास्ते को सुझाने से पहले, तीन बातें स्पष्ट करना बहुत ज़रूरी है। सबसे पहले, हांगकांग के नागरिकों की निष्ठा और उनके सिद्धांतों पर यह एक मिथ्या आरोप लगाया जा रहा है कि बाहरी बलों द्वारा उनके साथ चालाकी की जा रही है जैसा कि चीनी सरकार का प्रचार तंत्र कर रहा है। हांगकांग के हजारों लाखों प्रदर्शनकारियों को जो चीज़ प्रेरित करती है वह उनका यह प्रबल विश्वास है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में वे उन लोगों को चुन सकेंगे जो उन पर शासन करेंगे, उन्हें अपने मामलों को चलाने दिया जाना चाहिए, जैसा कि उनसे वादा किया गया था।

दूसरे, हांगकांग के बाहर के अन्य लोगों की इसमें जायज़ रुचि है कि शहर में क्या होता है। हांगकांग एक महान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र है जिसकी स्वतंत्रता और स्वायत्तता को संयुक्त राष्ट्र में पंजीकृत एक संधि में गारंटी दी गई थी। विशेष रूप से, यूनाइटेड किंगडम ने, जो इस चीनी-ब्रिटिश संयुक्त घोषणा की दूसरी पार्टी है, इस बात की गारंटी माँगी थी और यह उसे मिली भी थी कि हांगकांग की स्वायत्तता और स्वतंत्रता की 50 वर्षों के लिए गारंटी होगी।

इसलिए यह सुझाव देना हास्यास्पद है कि ब्रिटिश मंत्रियों और सांसदों को हांगकांग के मामलों में अपनी टाँग नहीं अड़ानी चाहिए। वास्तव में, उन्हें यह जाँच करते रहने का अधिकार और नैतिक दायित्व है कि चीन समझौते के अपने पक्ष पर टिका हुआ है या नहीं - जबकि सच तो यह है कि यह ज्यादातर अब तक ऐसा करता रहा है।