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बुढ़ापे में नया जीवन

ज़्यूरिख – हममें से कई लोगों ने देखा है कि हमारे माता-पिता या दादा-दादी बुढ़ापे में आत्मनिर्भर नहीं रह पाते हैं। 2012 में, 65 साल से अधिक की आयु के 2.4 मिलियन से अधिक अमेरिकियों का गिरने से लगी चोटों के लिए आपातकालीन कक्षों में इलाज किया गया। दुनिया भर में लोगों की उम्र तेजी से बढ़ने के कारण ऐसी चुनौतियाँ बहुत अधिक बढ़ती जा रही हैं, जिनका प्रभाव न केवल स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों, बल्कि अर्थव्यवस्थाओं, सरकार की नीतियों, और यहाँ तक कि परिवारों पर भी पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि इस सदी के मध्य तक, 60 से अधिक आयु वाले लोगों की संख्या दुगुनी हो जाएगी, और 65 से अधिक आयु वाले लोगों की संख्या, इतिहास में पहली बार पांच साल से कम उम्र के बच्चों से अधिक हो जाएगी। इस जनसांख्यिकीय रुझान की व्याख्या सीधे-सीधे इस तरह की जा सकती है: वैश्विक प्रजनन दरें घट गई हैं, 1950-1955 में प्रति महिला पांच बच्चों की औसत दर से कम होकर यह 2010-2015 में प्रति महिला 2.5 बच्चों तक पहुँच गई है।

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फिर भी, उम्र बढ़ने के कारण नागरिकों को केवल आर्थिक बोझ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वास्तव में, वे सक्रिय उपभोक्ताओं के रूप में एक सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं - यह एक ऐसी संभावना है जिसे कई उद्योगों ने पहले से ही पहचान लिया है और उन्होंने इसका दोहन करना शुरू कर दिया है। बैंक ऑफ़ अमेरिका मेरिल लिंच के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में उपभोक्ता वस्तुओं पर किए जानेवाले खर्च में से लगभग 60% खर्च 50 से अधिक आयु वाले लोगों द्वारा किया जाता है।

लेकिन इससे दुःसाध्य लगनेवाली यह अंतर्निहित चुनौती कुछ कम नहीं हो जाती है: सेवानिवृत्त लोगों की बढ़ती संख्या का भरण-पोषण करनेवाले करदाताओं की संख्या में लगातार कमी हो रही है। इस असंतुलन ने कुछ सरकारों को पहले ही सेवानिवृत्ति की उम्र को बढ़ाने और पेंशन नीतियों को बदलने के लिए प्रेरित किया है ताकि लाभ देरी से दिए जाएँ या उनमें कमी की जाए और लोगों को कार्यबल में बनाए रखा जाए।

लोगों को लंबे समय तक काम पर लगाए रखने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें स्वस्थ रखा जाए। यही कारण है कि स्वास्थ्य देखभाल उद्योग को लोगों की उम्र बढ़ने की चुनौतियों से निपटने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। बुढ़ापे को केवल जीवन के एक अनिवार्य चरण के रूप में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे लोगों को अच्छा जीवन जीने में मदद करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों और प्रणालियों के लिए एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

इस उद्देश्य से, स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों को अपने अनुसंधान और विकास के प्रयासों को उन बीमारियों पर केंद्रित करना चाहिए जो बूढ़े रोगियों में अधिक पाई जाती हैं, जिनमें मधुमेह, हृदय रोग, मोतियाबिंद, संधिशोथ, और कैंसर जैसी पुरानी बीमारियाँ शामिल हैं। इस तरह के प्रयास इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि लोगों की शारीरिक शक्ति, मानसिक क्षमता, और श्रवण और दृष्टि जैसी इंद्रियों को ठीक बनाए रखकर उनकी उत्पादकता और आत्मनिर्भरता में होनेवाली कमी को और अधिक प्रभावी ढंग से रोका जा सके। यह न केवल स्वयं अधिक उम्र के रोगियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों और देखभाल करने वालों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

विशेष रूप से एक आशाजनक क्षेत्र स्वास्थ्यसुधार संबंधी दवाओं का है जिसके कई संभावित उपयोग हैं -इसमें बहरेपन को रोकना या ठीक करना भी शामिल है। आज जो स्थिति है, उसमें 65-70 साल की उम्र के लोगों में से एक-तिहाई (और 75 से अधिक उम्र के लोगों में से आधों) में बहुत अधिक बहरेपन की शिकायत है, ऐसा अक्सर भीतरी कान के बालों की उन कोशिकाओं को क्षति पहुँचने या उनके नष्ट हो जाने के कारण होता है जो मस्तिष्क में अंकित होनेवाली ध्वनि तरंगों को पहचान कर संकेतों के रूप में बदल देती हैं।

इस समस्या के समाधान के लिए, मेरी कंपनी नोवार्टिस CGF166 नामक यौगिक का परीक्षण कर रही है जो बालों की कोशिकाओं के विकास को उत्तेजित करनेवाली एक विशिष्ट जीन को "सक्रिय करने" के लिए भीतरी कान में कुछ स्वस्थ कोशिकाओं पर काम करती है। हम पहले ही अपनी शोध के नैदानिक-परीक्षण चरण में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके दौरान हम गंभीर बहरेपन के शिकार रोगियों के उपचार में CGF166 की सहनशीलता और प्रभावकारिता का मूल्यांकन करेंगे।

लेकिन अगर ऐसे उपचार सस्ते या आम लोगों के लिए सुलभ नहीं होंगे तो इनका कोई मतलब नहीं होगा। और स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती लागतों का बोझ अधिकाधिक रोगियों पर डालते रहने की वर्तमान स्थिति उत्साहजनक नहीं है। इस प्रवृत्ति को पलटने के लिए, स्वास्थ्य देखभाल उद्योग को चाहिए कि वह स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की वित्तीय स्थिरता का समर्थन करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करे ताकि वे देखभाल के लिए बढ़ती मांग के संबंध में बेहतर रूप से कार्रवाई कर सकें।

इसमें सफलता के लिए आर्थिक दृष्टि से धारणीय रूप से रोगी परिणामों में सुधार लाने के लिए नवोन्मेषी रणनीतियाँ अपनाने की जरूरत होगी। उदाहरण के लिए, स्वास्थ्य देखभाल उद्योग स्वास्थ्य को सुधारने वाली सेवाओं की पेशकश करने के लिए सरकारों के साथ काम कर सकता है - जैसे कि दवाओं के अलावा दूरस्थ रोगी निगरानी, स्वास्थ्य एप्स, और रोगी-परिचर्चा टूल्स के रूप में। रोगियों को उनके इलाज या बीमा जैसे संबंधित मुद्दों के बारे में जवाब देने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों या सलाहकारों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी इसमें मददगार हो सकता है।

भुगतान करनेवालों - सरकारों और निजी बीमा कंपनियों दोनों को ही चाहिए कि वे अपनी ओर से स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों को उनके उत्पादों और सेवाओं के वास्तविक लाभों के आधार पर पुरस्कृत करने के लिए एक तंत्र बनाएं। प्रति रोगी वार्षिक भुगतान के अलावा, स्वास्थ्य देखभाल कंपनी को प्राप्त किए गए परिणामों के आधार पर बोनस या दंड दिया जा सकता है।

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बढ़ती उम्र वाले लोगों की जरूरतों के बारे में कार्रवाई करना स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों और भुगतान करनेवालों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसके सफल मॉडल से स्वास्थ्य देखभाल की लागतों में कमी होगी, आयु-संभाविता में वृद्धि होगी, और बुजुर्ग लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। और, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के बारे में अधिक व्यापक समझ प्रदान करके, युवा लोगों को प्रभावित करनेवाले रोगों सहित - अन्य रोगों के उपचार और इलाज के लिए यह हमारा मार्गदर्शन भी कर सकता है।

यह सुनिश्चित करना सभी के हित में है कि हर व्यक्ति यथासंभव अधिक से अधिक स्वस्थ जीवन जिए, और जहां तक संभव हो अधिक से अधिक लंबे समय तक जिए। इसलिए अब इसी बात में समझदारी है कि हम अपने बीच सबसे वरिष्ठ व्यक्ति पर ध्यान केंद्रित करें।