construction site World Bank photo/Flickr

वैश्विक मार्शल योजना

रोम – वैश्विक विकास में सहयोग को उत्प्रेरित करने के लिए लगातार चल रहे प्रयासों के बावजूद, हाल के वर्षों में इसकी प्रगति में भारी बाधाएँ आई हैं। सौभाग्यवश, 2015 की दूसरी छमाही में आयोजित की जानेवाली प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बैठकों में, दुनिया के नेताओं के लिए उन पर काबू पाने का यह महत्वपूर्ण अवसर होगा।

इस तरह का अवसर पहले भी आया था। पिछली सदी के अंत में, आर्थिक विकास पर अंतर्राष्ट्रीय वार्ताओं में भी भारी अवरोध आ गया था। विश्व व्यापार संगठन की सिएटल मंत्रिस्तरीय वार्ता किसी निर्णय के बिना समाप्त हो गई थी, और वाशिंगटन सहमति के दो दशकों के बाद, विकासशील देशों को अमेरिका के नेतृत्व वाली अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से निराशा हुई थी। मॉन्टेरी, मेक्सिको में संयुक्त राष्ट्र के विकास के लिए वित्तपोषण (एफएफडी) प्रारंभिक सम्मेलन में हुई वार्ताओं में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा जा सका।

फिर, 11 सितंबर, 2001 को, संयुक्त राज्य अमेरिका में भारी आतंकवादी हमले हुए - यह एक ऐसी दुखद घटना थी जिसके फलस्वरूप जैसे-तैसे प्रगति हो पाई। विश्व के नेता दोहा विकास का दौर शुरू करने के लिए राजी हो गए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि व्यापार वार्ताओं से विकासशील देशों की विकास संबंधी आकांक्षाओं की पूर्ति होती है। और 2002 मॉन्टेरी एफएफडी सम्मेलन में विदेशी और घरेलू निवेश, विदेशी ऋण, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, व्यापार, और सर्वांगी शासन के मुद्दों पर बड़ी सफलताएँ हासिल की गईं।

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