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विकास के लिए ड्रोन

जेनेवा - हाल ही के वर्षों में मानवरहित हवाई वाहनों ने दुनिया भर के लोगों की कल्पनाओं और दुःस्वप्नों दोनों में पंख लगा दिए हैं। अप्रैल में, संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना ने LOCUST (कम लागत वाली यूएवी समूह प्रौद्योगिकी) नामक एक प्रायोगिक कार्यक्रम की घोषणा की, अधिकारियों का यह दावा है कि इससे यह "स्वायत्त रूप से शत्रु को पराजित कर देगा" और इस तरह यह "नाविकों और नौसैनिकों को एक निर्णायक रणनीतिक लाभ प्रदान करेगा।" इस प्रकार के नाम और मिशन से - और ड्रोन युद्ध के असमान नैतिक ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, इसमें कतई आश्चर्य नहीं है कि उड़ान करनेवाले रोबोटों के निरंतर बढ़ते जाने से कई लोग चिंतित हैं

लेकिन नीचे के आकाश का औद्योगिक उपयोग अब होत��� रहने वाला है। तीन मिलियन से अधिक मनुष्य प्रतिदिन हवा में होते हैं। हमारी धरती पर हर बड़ी मानव बस्ती हवाई परिवहन से दूसरी बस्ती से जुड़ी हुई है। एक चीनी यूएवी निर्माता, DJI, $10 बिलियन का मूल्यांकन करने का अनुरोध कर रहा है। आने वाले वर्षों में कार्गो ड्रोन इससे भी बड़े उद्योग का रूप धारण कर लेंगे क्योंकि मनुष्य के वज़न और उनकी जीवन-रक्षक प्रणालियों के भार से रहित, वे न केवल और अधिक किफायती रूप से बल्कि अधिक तेज़ी से और सुरक्षित रूप से उड़ेंगे।

अमीर देशों में, कार्गो ड्रोनों में आरंभिक रुचि तथाकथित आखिरी पड़ाव - किसी उपनगरीय लॉन पर शर्बत का टब पहुँचाने - पर केंद्रित रही है। लेकिन बड़े अवसर गरीब देशों में बीच के पड़ाव तक उड़ान भरने में हैं। दुनिया भर में करीब 800 मिलियन लोगों को आपातकालीन सेवाओं तक सीमित पहुँच उपलब्ध है, और निकट भविष्य में इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि उनसे जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण करने के लिए पर्याप्त धन नहीं होगा। ऐसे कई अलग-थलग रहनेवाले समुदायों तक मध्यम दूरियों तक मध्यम आकार के भार को उड़ान से पहुँचाकर, कार्गो ड्रोन ज़िंदगियाँ बचा सकते हैं और रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

विश्व बैंक के अध्यक्ष, जिम योंग किम ने कार्गो ड्रोन की समग्र गतिविधि को “सुपुर्दगी का विज्ञान” कहा है। हमें मालूम है कि हमें क्या सुपुर्द करना है: हमारी बहुत सी विकट समस्याओं के कई समाधान पहले से ही मौजूद हैं। सवाल यह है कि इसे कैसे किया जाए।

इस सवाल का उत्तर इसमें छिपा है कि आपात कार्गो ड्रोन के विकास में तेजी लाने और अफ़्रीका में दुनिया के पहले ड्रोनपोर्ट का निर्माण करने के लिए - मानवतावादी, रोबोट विज्ञानी, आर्किटेक्ट, रणनीतिकार, और अन्य सभी मिलकर रेड लाइन नामक एक नई पहल, स्विस-स्थित सहायता संघ में क्यों शामिल हो गए हैं।

यह तकनीकी-कल्पना - या कम से कम संसाधनों का भारी मात्रा में दुरुपयोग करने जैसा लगता है। इसके बावजूद, सबसे अधिक सफल विकास संगठनों के अनुभव से यह पता चलता है हमें गरीबों के लिए कोई सार्थक परिवर्तन लाने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी की शक्ति के बारे में शंकालु होना चाहिए। हाँ, प्रसंस्करण शक्ति की कम होती लागत से नई क्षमताओं का निर्माण होता है, विशेष रूप से स्मार्टफोन्स और उनसे संबंधित स्काई-फाई कनेक्टिविटी के मामले में। लेकिन गैजेट ज्यादातर तड़क-भड़क वाली कीमती चीज़ों जैसे होते हैं। ये कम कीमत वाले प्रशिक्षक-प्रशिक्षण, सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल, और प्रशिक्षुताओं के समान उबाऊ चीज़ें होती हैं जो गरीबों के लिए लाभकारी परिणाम देनेवाली होती हैं।

यही कारण है कि कई विकास विशेषज्ञ प्रौद्योगिकी की तुलना में "मितव्ययी नवाचार" को तरजीह देते हैं। बांग्लादेश-स्थित BRAC, दुनिया का सबसे बड़ा विकासशील गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) है, जिसके एक कमरे वाले स्कूलों में 1.3 मिलियन बच्चों ने दाखिला लिया हुआ है, और वहाँ शायद ही कोई लैपटॉप दिखाई दे।

तो हमें कार्गो ड्रोनों के बारे में आशावादी क्यों होना चाहिए? सिलिकन वैली "विघटन" की बुलडोज़र वाली भाषा में बात करती है लेकिन कार्गो ड्रोनों के पक्ष में होने का एक कारण यह है कि वे बिल्कुल भी विघटनकारी नहीं हैं। इसके बजाय, वे अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूदा वितरण नेटवर्कों को बढ़ाने में योगदान कर सकते हैं जहाँ गरीबी और रोग बेशुमार हैं, दूरियाँ बहुत अधिक हैं, और सड़कों का निर्माण कभी नहीं होगा।

कार्गो ड्रोन विशेष रूप से तथाकथित स्थानीय एजेंट डिलीवरी मॉडल के लिए बहुत अधिक अनुकूल हैं। कंपनियों और संगठनों ने यह दिखाया है कि अफ्रीका और दक्षिण एशिया में दुर्गम स्थलों में सूक्ष्म उद्यमियों के रूप में प्रशिक्षित महिलाएँ अक्सर अपने गांवों में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की सुपुर्दगी करने के लिए बहुत अधिक उपयुक्त होती हैं, भले ही उनमें साक्षरता और औपचारिक शिक्षा सीमित होती है। उदाहरण के लिए, BRAC के सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी तरह से माइक्रो फ्रेंचाइजिंग के आधार पर काम करते हैं, वे कृमिनाशक दवाओं, मलेरिया-रोधी दवाओं, और गर्भ-निरोधकों जैसी बुनियादी वस्तुओं की बिक्री से मिलनेवाले मार्जिन से पैसा कमा रहे हैं।

हालाँकि कार्गो ड्रोन भू-परिवहन की जगह कभी नहीं लेंगे, वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि महत्वपूर्ण वस्तुएँ और सेवाएँ वहाँ पहुँचती हैं जहाँ उनकी जरूरत हो। अफ्रीका में मोबाइल फोन इसलिए लोकप्रिय हो गए क्योंकि इनकी प्रौद्योगिकी लैंडलाइन के बुनियादी ढांचे में निवेश करने की तुलना में बहुत अधिक सस्ती थी। यही बात आज अफ्रीका की सड़कों के बारे में कही जा सकती है। मोबाइल फोन की तरह, कार्गो ड्रोन एक नायाब चीज़ बन सकता है: यह एक ऐसा गैजेट सिद्ध हो सकता है जो उन लोगों के लिए कारगर हो जिन्हें उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।